घातांकीय क्षय कैलकुलेटर
P(t) = P₀ × e−rt — किसी भी चर के लिए हल करें • अर्ध-आयु • क्षय वक्र • क्षय तालिका
क्षय मॉडल (Decay Model)
इसके लिए हल करें (Solve For)
त्वरित उदाहरण (Quick Examples)
चरण-दर-चरण समाधान (Step-by-Step Solution)
घातांकीय क्षय (Exponential Decay) क्या है?
घातांकीय क्षय उस प्रक्रिया का वर्णन करता है जिसमें किसी मात्रा में कमी की दर उसके वर्तमान मूल्य के समानुपाती होती है। मात्रा जितनी अधिक होगी, वह उतनी ही तेज़ी से सिकुड़ेगी — फिर भी प्रति इकाई समय में आंशिक हानि स्थिर रहती है। इससे एक विशिष्ट चिकना वक्र उत्पन्न होता है जो कभी भी पूरी तरह से शून्य तक नहीं पहुंचता है।
गणितीय रूप से, सतत घातांकीय क्षय सूत्र है:
P₀ = प्रारंभिक राशि • r = क्षय दर • t = समय • e = यूलर संख्या ≈ 2.71828
सूत्र घटकों को समझना
- P₀ (प्रारंभिक राशि) — समय t = 0 पर मात्रा। यह रेडियोधर्मी आइसोटोप के ग्राम, दवा के मिलीग्राम, या जीवों की संख्या हो सकती है।
- r (क्षय दर / Decay Constant) — एक सकारात्मक स्थिरांक जो दर्शाता है कि प्रति इकाई समय में मात्रा कितनी तेजी से कम होती है। भौतिकी में इसे अक्सर λ (लैम्ब्डा) कहा जाता है।
- t (समय) — बीता हुआ समय।
सतत बनाम विविक्त घातांकीय क्षय (Continuous vs. Discrete)
| मॉडल | सूत्र | उपयोग | उदाहरण (r=0.1, t=5) |
|---|---|---|---|
| सतत (Continuous) | P₀ × e−rt | भौतिकी, औषध विज्ञान, शीतलन | P(5) = P₀ × e−0.5 ≈ 0.6065 P₀ |
| विविक्त (Discrete) | P₀ × (1−r)t | वार्षिक सांख्यिकी, अवधि-दर-अवधि | P(5) = P₀ × 0.95 ≈ 0.5905 P₀ |
अर्ध-आयु (Half-Life): मुख्य अवधारणा
अर्ध-आयु (t½) वह समय है जिसमें कोई मात्रा अपने वर्तमान मूल्य से आधी रह जाती है। सूत्र में P(t) = P₀/2 रखकर हल करने पर:
अर्ध-आयु की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह प्रारंभिक मात्रा P₀ से स्वतंत्र होती है। चाहे आप 1 किलोग्राम से शुरू करें या 1 टन से, आधा होने में हमेशा एक समान समय लगता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
घातांकीय क्षय का सूत्र क्या है?
अर्ध-आयु (half-life) क्या है और इसकी गणना कैसे की जाती है?
सतत और विविक्त क्षय में क्या अंतर है?
विविक्त (Discrete): P(t) = P₀(1−r)t — क्षय प्रति निश्चित अवधि में एक बार लागू होता है (जैसे प्रति वर्ष)।