पोर्टफोलियो आवंटन कैलकुलेटर
भारतीय निवेशकों के लिए एसेट एलोकेशन, जोखिम विश्लेषण, रीबैलेंसिंग और लक्ष्य-आधारित योजना
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एसेट क्लास (Asset Classes)
आवंटन समायोजित करें — कुल योग 100% होना चाहिए
आवंटन का अवलोकन (Allocation Overview)
भारित रिटर्न का फॉर्मूला (Weighted Return Formula)
लाइव गणना देखने के लिए ऊपर आवंटन दर्ज करें।
गणना के उदाहरण (Examples)
₹10 लाख का पोर्टफोलियो — 60% इक्विटी + 30% डेट + 10% गोल्ड
इक्विटी: ₹6 लाख (12% रिटर्न) = ₹72,000/वर्ष
डेट: ₹3 लाख (7% रिटर्न) = ₹21,000/वर्ष
गोल्ड: ₹1 लाख (8% रिटर्न) = ₹8,000/वर्ष
कुल ब्लेंडेड रिटर्न: 10.9% प्रति वर्ष
35 वर्ष, मध्यम जोखिम (Moderate)
स्कोर: 15/25 → मध्यम प्रोफाइल
अनुशंसित: 40% इक्विटी, 35% डेट,
10% गोल्ड, 5% रियल एस्टेट, 10% कैश
कुल ब्लेंडेड रिटर्न: ~9.4% प्रति वर्ष
पोर्टफोलियो: ₹10 लाख कुल
शेयर बाजार तेजी से इक्विटी 70% हो गई (टारगेट 60%)
बेचें: ₹1 लाख इक्विटी
खरीदें: ₹50K डेट + ₹50K गोल्ड
विचलन (Drift): +10% → रीबैलेंसिंग की आवश्यकता है
पोर्टफोलियो आवंटन (Portfolio Allocation) क्या है?
वित्तीय प्रबंधन में पोर्टफोलियो आवंटन (Portfolio Allocation) या एसेट एलोकेशन (Asset Allocation) का अर्थ है - अपनी कुल निवेश योग्य पूंजी को विभिन्न श्रेणियों जैसे कि इक्विटी (शेयर), डेट (फिक्स्ड डिपॉजिट/बॉन्ड), सोना (गोल्ड), रियल एस्टेट और कैश में विभाजित करना। इसका प्राथमिक उद्देश्य निवेशक के जोखिम सहन करने की क्षमता (Risk Tolerance), समय सीमा (Time Horizon) और भविष्य के लक्ष्यों के अनुसार जोखिम और रिटर्न के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करना है।
एसेट एलोकेशन क्यों महत्वपूर्ण है?
वित्तीय शोधों से साबित हुआ है कि किसी भी निवेश पोर्टफोलियो के दीर्घकालिक रिटर्न का 90% से अधिक हिस्सा इस बात पर निर्भर करता है कि आपने विभिन्न एसेट्स में कितना आवंटन किया है, न कि इस बात पर कि आपने कौन सा विशिष्ट शेयर या म्यूचुअल फंड चुना है। विविधीकरण (Diversification) के माध्यम से, यदि एक एसेट क्लास (जैसे इक्विटी) बाजार की गिरावट के कारण घाटे में है, तो दूसरा एसेट क्लास (जैसे सोना या डेट) उस नुकसान की भरपाई करने में मदद कर सकता है।
विभिन्न एसेट क्लास और उनकी भूमिका
- इक्विटी (Equity/Stocks): दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) के लिए सबसे महत्वपूर्ण। ऐतिहासिक रूप से भारत में इसने 12-15% का रिटर्न दिया है, लेकिन अल्पावधि में यह अत्यधिक अस्थिर हो सकता है।
- डेट/बॉन्ड (Debt/Bonds): पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है। फिक्स्ड डिपॉजिट और सरकारी बॉन्ड निश्चित ब्याज (6-8%) प्रदान करते हैं, जिससे शेयर बाजार के जोखिम से सुरक्षा मिलती है।
- सोना (Gold): महंगाई के खिलाफ एक पारंपरिक ढाल (Inflation Hedge)। आर्थिक अनिश्चितता या युद्ध जैसी स्थितियों में सोने की कीमतें आमतौर पर बढ़ती हैं।
- रियल एस्टेट (Real Estate): पूंजी वृद्धि और किराये से आय (Rental Yield) दोनों प्रदान करता है।