डॉप्लर प्रभाव कैलकुलेटर
ध्वनि और प्रकाश के लिए डॉप्लर-विस्थापित आवृत्ति की गणना करें। शास्त्रीय (classical) और आपेक्षिकीय (relativistic) दोनों सूत्रों का समर्थन करता है।
त्वरित प्रीसेट
m/s
गतिमान वस्तु
कौन गति कर रहा है?
दिशा
तरंग का प्रकार
धनात्मक = प्रेक्षक की ओर गतिमान
धनात्मक = स्रोत की ओर गतिमान
स्रोत/प्रेक्षक की सापेक्षिक गति m/s में
दिशा
मान दर्ज करें और प्रेक्षित आवृत्ति के परिवर्तन का परिणाम तुरंत देखें।
परिणाम
चरण-दर-चरण समाधान
डॉप्लर प्रभाव क्या है?
ऑस्ट्रियाई भौतिक विज्ञानी क्रिश्चियन डॉप्लर (Christian Doppler) द्वारा 1842 में वर्णित डॉप्लर प्रभाव तरंगों की उस आवृत्ति परिवर्तन को दर्शाता है जो तरंग स्रोत और प्रेक्षक की सापेक्ष गति के कारण उत्पन्न होती है। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण एम्बुलेंस सायरन है: जब एम्बुलेंस हमारी ओर आती है तो सायरन की तीक्ष्णता (pitch) तेज लगती है और दूर जाने पर धीमी हो जाती है।
निकट आना (Blueshift)
तरंग शिखर अधिक जल्दी प्रेक्षक तक पहुँचते हैं → प्रेक्षित आवृत्ति बढ़ती है → तरंगदैर्ध्य छोटी होती है।
दूर जाना (Redshift)
तरंग शिखर देर से प्रेक्षक तक पहुँचते हैं → प्रेक्षित आवृत्ति घटती है → तरंगदैर्ध्य लंबी होती है।
डॉप्लर प्रभाव सूत्र और चिन्ह परंपरा
f' = f × (v_wave + v_o) / (v_wave − v_s)
v_o = प्रेक्षक का वेग (स्रोत की ओर धनात्मक), v_s = स्रोत का वेग (प्रेक्षक की ओर धनात्मक)