पावर फैक्टर कैलकुलेटर
पावर फैक्टर (PF = P/S), वास्तविक शक्ति (W), प्रतिक्रियाशील शक्ति (VAR), स्पष्ट शक्ति (VA), फेज कोण और पावर फैक्टर सुधार के लिए आवश्यक कैपेसिटर मान की गणना करें।
ज्ञात मात्राएँ (Known Quantities)
पावर फैक्टर सुधार (वैकल्पिक)
विभिन्न भार प्रकारों के सामान्य पावर फैक्टर
| लोड प्रकार (Load Type) | सामान्य PF | प्रकार |
|---|---|---|
| प्रतिरोधी हीटर / गरमागरम लैंप (Resistive) | 1.0 | यूनिटी (Unity) |
| एलईडी लैंप (ड्राइवर के साथ) | 0.8–0.95 | पश्चगामी (Lagging) |
| फ्लोरोसेंट लैंप (गिट्टी के साथ) | 0.5–0.9 | पश्चगामी (Lagging) |
| इंडक्शन मोटर (पूर्ण लोड पर) | 0.8–0.9 | पश्चगामी (Lagging) |
| इंडक्शन मोटर (बिना लोड के) | 0.1–0.3 | पश्चगामी (Lagging) |
| बड़ा पावर ट्रांसफार्मर | 0.8–0.9 | पश्चगामी (Lagging) |
| कैपेसिटर बैंक | ~0 | अग्रणी (Leading) |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पावर फैक्टर (PF) स्पष्ट शक्ति (apparent power, VA) और वास्तविक शक्ति (real power, W) का अनुपात है: PF = P ÷ S = cos(φ), जहाँ φ वोल्टेज और करंट के बीच का फेज अंतर (phase angle) है। PF का मान 0 से 1 के बीच होता है। 1.0 (unity) के PF का अर्थ है कि सभी विद्युत शक्ति का उपयोग वास्तविक कार्य के रूप में किया जाता है; कम PF का अर्थ है अधिक प्रतिक्रियाशील शक्ति और बर्बाद ग्रिड क्षमता।
वास्तविक शक्ति P (watts, W) वास्तविक कार्य करती है — जैसे मोटर चलाना या हीटर गर्म करना। प्रतिक्रियाशील शक्ति Q (volt-amperes reactive, VAR) प्रेरक (inductor) और संधारित्र (capacitor) में ऊर्जा को स्टोर और रिलीज करती है — यह कोई उपयोगी कार्य नहीं करती है लेकिन इसे ग्रिड द्वारा आपूर्ति की जानी चाहिए। स्पष्ट शक्ति S (volt-amperes, VA) इन दोनों का सदिश योग है: S = √(P² + Q²)। पावर त्रिकोण इन तीनों को जोड़ता है: S² = P² + Q²।
प्रेरक भार (जैसे मोटर, ट्रांसफार्मर) के लिए, समानांतर में कैपेसिटर (संधारित्र) जोड़कर पावर फैक्टर में सुधार किया जाता है, जो स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रियाशील शक्ति प्रदान करते हैं। आवश्यक धारिता (capacitance): C = Q_correction ÷ (2πf × V²), जहाँ Q_correction = P × (tan φ₁ − tan φ₂)। कई बिजली कंपनियाँ 0.9 या 0.95 से कम पावर फैक्टर के लिए जुर्माना वसूलती हैं।
पश्चगामी पावर फैक्टर: करंट वोल्टेज से पीछे रहता है, जो प्रेरक भार (जैसे मोटर, ट्रांसफार्मर) के कारण होता है। अग्रणी पावर फैक्टर: करंट वोल्टेज से आगे रहता है, जो संधारित्र भार (जैसे कैपेसिटर बैंक) के कारण होता है। यूनिटी पावर फैक्टर (PF = 1): पूरी तरह से प्रतिरोधी भार (purely resistive load), जहाँ करंट और वोल्टेज एक ही फेज में होते हैं। अधिकांश औद्योगिक लोड पश्चगामी होते हैं।
पावर त्रिकोण सूत्र (Power Triangle Formulas)
S² = P² + Q² (स्पष्ट शक्ति पावर त्रिकोण का कर्ण है)
PF = P/S = cos(φ) | tan(φ) = Q/P | sin(φ) = Q/S
पावर फैक्टर सुधार कैपेसिटर: Q_c = P × (tan φ₁ − tan φ₂), फिर C = Q_c / (2πf × V²)
- P वाट (W) में: प्रति सेकंड वास्तविक कार्य करने वाली विद्युत ऊर्जा
- Q वोल्ट-एम्पीयर रिएक्टिव (VAR) में: ग्रिड और सर्किट के बीच दोलन करने वाली प्रतिक्रियाशील ऊर्जा
- S वोल्ट-एम्पीयर (VA) में: स्रोत द्वारा प्रदान की जाने वाली कुल स्पष्ट विद्युत लोड
- फेज कोण φ = arccos(PF): करंट और वोल्टेज के बीच फेज विस्थापन