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सैलरी ब्रेकअप कैलकुलेटर

CTC से पूर्ण सैलरी स्लिप विवरण · बेसिक, HRA, PF, TDS · वित्तीय वर्ष 2025-26 भारत

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मुख्य वेतन सूत्र (Key Formulas)

बेसिक (Basic) = CTC का 40%–50%
HRA = बेसिक का 40%–50%
PF (कर्मचारी) = बेसिक का 12% (अधिकतम ₹1,800/माह)
सकल (Gross) = बेसिक + HRA + परिवहन + चिकित्सा + विशेष + LTA + भोजन
इन-हैंड वेतन = सकल − PF − PT − TDS

विशेष भत्ता = CTC − बेसिक − HRA − PF नियोक्ता − परिवहन − चिकित्सा − LTA − भोजन  |  मानक कटौती (नई कर व्यवस्था): ₹75,000  |  FY 2025-26

उदाहरण — CTC सैलरी ब्रेकअप विश्लेषण

वार्षिक CTC
₹6,00,000
नॉन-मेट्रो · नई व्यवस्था
बेसिक (40%)₹20,000
HRA (40% बेसिक)₹8,000
परिवहन₹1,600
चिकित्सा₹1,250
विशेष भत्ता₹9,150
PF कटौती−₹1,800
व्यवसाय कर−₹200
TDS (अनुमानित)₹0
इन-हैंड (Take-Home)~₹38,000
वार्षिक CTC
₹12,00,000
मेट्रो · नई व्यवस्था
बेसिक (50%)₹50,000
HRA (50% बेसिक)₹25,000
परिवहन₹1,600
चिकित्सा₹1,250
विशेष भत्ता₹21,350
PF कटौती−₹1,800
व्यवसाय कर−₹200
TDS (अनुमानित)~−₹5,000
इन-हैंड (Take-Home)~₹92,200
वार्षिक CTC
₹24,0,000
मेट्रो · नई व्यवस्था
बेसिक (50%)₹1,00,000
HRA (50% बेसिक)₹50,000
परिवहन₹1,600
चिकित्सा₹1,250
विशेष भत्ता₹45,350
PF कटौती−₹1,800
व्यवसाय कर−₹200
TDS (अनुमानित)~−₹28,700
इन-हैंड (Take-Home)~₹1,67,500

सैलरी ब्रेकअप क्या है?

सैलरी ब्रेकअप (Salary Breakup या CTC Breakup) आपके कुल वार्षिक पैकेज (Cost to Company) का अलग-अलग घटकों में विस्तृत विभाजन है। जब कोई कंपनी आपको ₹12 LPA का पैकेज देती है, तो उस मुख्य राशि में कई चीजें शामिल होती हैं: मूल वेतन (basic salary), मकान किराया भत्ता (HRA), पीएफ (Provident Fund) योगदान, परिवहन भत्ता, चिकित्सा भत्ता और विशेष भत्ता।

सैलरी ब्रेकअप को समझना तीन कारणों से आवश्यक है: यह आपको आपका वास्तविक मासिक टेक-होम वेतन बताता है, यह नई और पुरानी कर व्यवस्थाओं के बीच टैक्स योजना बनाने में मदद करता है, और यह दिखाता है कि आपकी सेवानिवृत्ति निधि (PF) में प्रत्येक महीने कितना पैसा जमा हो रहा है।

वेतन के घटक (Salary Components Explained)

मूल वेतन (Basic Salary)

मूल वेतन आपके वेतन का एक निश्चित और पूरी तरह से कर योग्य मुख्य घटक है — आमतौर पर नॉन-मेट्रो के लिए CTC का 40% और मेट्रो कर्मचारियों के लिए 50%। यह अन्य सभी भत्तों का आधार है: HRA मूल वेतन का एक निश्चित प्रतिशत होता है, पीएफ योगदान मूल वेतन का 12% होता है, और ग्रेच्युटी की गणना भी मूल वेतन पर की जाती है।

मकान किराया भत्ता (HRA)

HRA आवास की लागत को पूरा करने के लिए नियोक्ताओं द्वारा दिया जाने वाला भत्ता है — आमतौर पर मेट्रो शहरों के लिए मूल वेतन का 50% और नॉन-मेट्रो के लिए 40%। पुरानी टैक्स व्यवस्था में यदि आप किराया देते हैं तो आपको आंशिक टैक्स छूट मिलती है। नई कर व्यवस्था में HRA पर कोई कर छूट नहीं मिलती है।

विशेष भत्ता (Special Allowance)

विशेष भत्ता सैलरी ब्रेकअप में बची हुई शेष राशि है। अन्य सभी भत्तों और योगदानों को कुल CTC में से घटाने के बाद जो राशि बचती है, उसे यहाँ रखा जाता है। यह पूरी तरह से कर योग्य है।

कर्मचारी भविष्य निधि (PF)

कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मूल वेतन का 12% हिस्सा कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में योगदान करते हैं। इसे ₹15,000 की वैधानिक सीमा के आधार पर ₹1,800 प्रति माह पर सीमित किया गया है।

FY 2025-26 के लिए आयकर स्लैब (नई कर व्यवस्था)

आय सीमाकर की दर (Tax Rate)मुख्य बिंदु
₹4,00,000 तक0%कोई टैक्स नहीं
₹4,00,001 – ₹8,00,0005%
₹8,00,001 – ₹12,00,00010%
₹12,00,001 – ₹16,00,00015%
₹16,00,001 – ₹20,00,00020%
₹20,00,001 – ₹24,00,00025%
₹24,00,000 से अधिक30%
धारा 87A के तहत छूट: ₹60,000 यदि कर योग्य आय ≤ ₹12,00,000 (12 लाख तक प्रभावी रूप से शून्य कर)
मानक कटौती: ₹75,000  |  स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर (Cess): कर देयता पर 4%

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैलरी ब्रेकअप क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
सैलरी ब्रेकअप आपके कुल पैकेज (CTC) का बेसिक सैलरी, HRA, परिवहन भत्ता, पीएफ, आयकर आदि में विस्तृत विभाजन है। यह आपको मासिक टेक-होम और टैक्स देयता जानने में मदद करता है।
CTC से बेसिक सैलरी की गणना कैसे की जाती है?
आमतौर पर भारत में कंपनियों द्वारा मूल वेतन (Basic Salary) मेट्रो शहरों में CTC का 50% और नॉन-मेट्रो शहरों में 40% तय किया जाता है।